हमने तो बस सुना है कि उपर वाला छप्पर फाड़ कर देता है आज देख भी लिया. वैसे खुदा की मर्जी है, मेहनत है तो किस्मत है. सिर्फ थोड़ी सी तो लिफ्ट करा दे गाने से किसी की किस्मत नहीं बदलती है. किस्मत बदलती है मेहनत करने से, सामने मिले हुए मौके को पहचानने से. आलस करके घर में सोने से किसी की किस्मत चमक जाए वो एक अलग बात है.

कहावत है कि भगवान जब भी देते हैं, तो छप्पर फाड़ कर देते हैं. कुछ ऐसा ही मामला मुंबई से सामने आया है जहां एक ही दिन में एक मछुआरे की किस्मत बदल गई. भारी बारिश के कारण समुद्र में खतरे की वजह से चंद्रकांत काफी दिन से घर में बैठे थे.

मछलियां न पकड़ पाने की वजह परिवार की आर्थिक स्थिति काफी खराब हो गई थी. हालांकि, हालात सही होने पर चंद्रकांत जब एक बार फिर समुद्र में उतरे तो उन्‍होंने ऐसा जाल फेंका कि उनकी किस्मत बदल गई.

असल में कई बार किस्मत हमारे दरवाजे पर आकर कहती है लो हम आ गए. इसी तरह पालघर के चंद्रकांत तारे की किस्मत ऐसी पलटी कि उसने सपने में भी नहीं सोचा था. मुरबे गांव का मछुआरा चंद्रकांत तारे हमेशा की तरह अपने 8 साथियों के साथ समुद्र में मछली पकड़ने गया था. उसे कब से मछली पकड़ने पर लगे प्रतिबंध के हटने का इंतजार था.

जब प्रतिबंध हटने के साथ जैसे उसकी किस्मत भी खुल गई और समुद्री सोना कही जाने वाली दुर्लभ मछलियां उसके जाल में फंस गईं.

इस तरह एक झटके में ही उसकी लॉटरी लग गई और वह करोड़पति बन गया. दरअसल, 28 अगस्त के दिन मछली पकड़ते हुए चंद्रकांत को उसका जाल भारी लगा. उसने जैसे ही जाल बाहर खींची तो नाव पर सवार सभी साथी हैरान रह गए.

असल में सभी इसलिए अचंभित थे क्योंकि जाल में करीब 150 घोल मछलियां थीं. इतनी बड़ी संख्या में घोल मछलियों को देख सभी खुशी का ठिकाना नहीं रहा. उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनकी किस्मत एक पल में बदलने वाली है.

इसके बाद किनारे आने पर जब मछलियों की बोली लगाई गई तो उसकी कीमत 1 करोड़ 33 लाख के करीब मिली. कई लोग ऐसा मानते हैं कि इंसान की किस्मत ईश्वर के हाथ में होती है और जो ईश्वर ने लिखा है वही होता है.

अब इसके भी दो पहलू हैं. जब हमारा वक्त अच्छा चलता है तो किस्मत, नसीब और भाग्य जैसी बातें तर्कहीन लगती हैं और जब समय बुरा वक्त चलता है तो इन्हीं बातों में तर्क नजर आने लगता है.

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