अनिल कपूर की पत्नी है माधुरी दीक्षित से भी ज्यादा सुंदर, ऐसी है दोनों की दिलचस्प लव स्टोरी

Shilpi Soni
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अपने झक्कास अंदाज से फैंस के दिलों पर छाने वाले बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर (Anil Kapoor) 62 साल की उम्र में भी बॉलीवुड के मोस्ट फिट और हैंडसम एक्टर हैं। 90 के दशक में अपनी दमदार एक्टिंग से फैंस को दीवाना बनाने वाले अनिल की जिंदगी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। अनिल कपूर का नाम आज तक किसी एक्ट्रेस से नहीं जुड़ा है और इसके पीछे की वजह ‘मिस्टर इंडिया’ की पत्नी सुनीता कपूर (Sunita Kapoor) का प्यार और अटूट विश्वास है, जिसका बखान करना अनिल कभी नहीं भूलते।

बॉलीवुड में कई ऐसे कपल्स हैं, जिनकी लव स्टोरीज जानकर आप बहुत इंस्पायर होते हैं और उन्हीं कपल्स में से एक है ‘अनिल कपूर और सुनीता कपूर की लव स्टोरी।’ आपको इनकी लव स्टोरी में ‘प्यार, सिर्फ प्यार और सिर्फ प्यार’ ही मिलेगा, जो कि इनकी लव स्टोरी को औरों से अलग और खूबसूरत बनाती है। तो आइए जानते हैं एक्ट्रेस सोनम, रिया और एक्टर हर्षवर्धन कपूर के पेरेंट्स की लव स्टोरी…

अनिल कपूर की प्रेम कहानी है बहुत ही ज्यादा दिलचस्प

करियर के शुरुआती दौर में अनिल दिन भर काम की तलाश करते थे और फिल्म स्टूडियोज़ के चक्कर काटा करते थे। वहीं, दूसरी तरफ सुनीता एक बेहतरीन मॉडल के तौर पर मशहूर थीं और पैसे वाली फैमिली से ताल्लुक रखती थीं। एक बार किसी फिल्म स्टूडियो से निकलते वक़्त अनिल ने सुनीता को पहली दफा देखा और देखते ही अपना दिल हार बैठे। दूसरी तरफ सुनीता का भी यही हाल था, उन्हें भी जानना था कि जिस लड़के से आज उनकी निगाहों ने चंद पल के लिए इश्क़ कर लिया था, आखिर वो लड़का है कौन? इस दिन जब अनिल अपने कमरे पर दोस्तों के बीच पहुंचे, तो उन्होंने सारी बातें अपने दोस्तों से बयां कर दी।

एक्टर ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया था,’ सुनीता का नंबर मुझे मेरे एक दोस्त ने दिया था। जब पहली बार मैंने उनसे बात की तो मैं उनकी आवाज सुनते ही उनके प्यार में पड़ गया। इसके कुछ हफ्ते बाद मैं और सुनीता एक पार्टी में मिले और जहां मेरा परिचय उनसे करवाया गया। उस वक्त कुछ ऐसा था, जो कि मुझे सुनीता की तरफ खींचा चला जा रहा था। बाद में हमारे बीच बातें होना शुरु हुई और हम दोस्त बन गए। वक्त के साथ-साथ हमारी दोस्ती और भी गहरी होती चली गई।’

डेट के लिए नहीं होते थे पैसे

80 के दशक के आखिर में दोनों के प्यार की शुरुआत होने लगी थी, दोनों का मिलना-जुलना भी बढ़ने लगा था। चूंकि, अनिल कपूर एक स्ट्रगलिंग एक्टर थे इसलिए उनके पास उतने पैसे नहीं होते थे, जिन्हें खर्च कर वो सुनीता को गिफ्ट्स दे सकें या रोजाना उनसे मिलने जा सकें। लिहाजा, वो सुनीता से बहुत कम मिलते थे और जब दोनों की मुलाक़ात होती थी, तो उनकी टैक्सी का किराया सुनीता ही भरती थीं।

एक्टर ने एक बार का वाकया शेयर करते हुए बताया था कि ”जब उन्हें पहली बार सुनीता से मिलने जाना था, तो सुनीता ने उन्हें फ़ोन कर पूछा, ‘कैसे आ रहे हो?’ इसके जवाब में ‘झक्कास एक्टर’ ने कहा- ‘बस से।’ तब सुनीता ने कहा कि ‘तुम टैक्सी से आ जाओ, किराया मैं दे दूंगी।’ इस बात से सुनीता ने साफ़ तौर पर जाहिर कर दिया था, कि उन्हें कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता कि अनिल के पास कितने पैसे हैं? या उनका स्टेटस कैसा है? उन्हें सिर्फ उस इंसान से प्यार है, जिसको पहली ही नज़र में उन्होंने अपना मान लिया था।

शादी में थी मुश्किलें

‘ये इश्क नहीं आसान बस इतना समझ लीजिए, एक आग का दरिया है और डूब के जाना है।” ये कहावत अनिल की लव लाइफ पर बिल्कुल सटीक बैठती है। ब्लॉकबस्टर फिल्में देकर लोगों के चहेते बने अनिल को सुनीता के माता-पिता बिल्कुल पसंद नहीं करते थे, लेकिन अपनी बेटी की खुशी और सच्चे प्यार के आगे दोनों परिवार बिना मन से ही सही, पर इस शादी के लिए राज़ी हो गए थे।

‘मशाल’ फिल्म आने के बाद ही अनिल रातों रात यूथ आइकन बन गए थे। पेरेंट्स के राजी होने के बावजूद उस वक्त पूरी इंडस्ट्री ने अनिल को शादी ना करने की नसीहत दी थी। एक इंटरव्यू के दौरान अनिल ने बताया था कि ”रातों-रात फेमस होने के कारण इंडस्ट्री का मानना था कि ऑडियंस शादीशुदा हीरो को नापसंद करती है। उस वक्त सब ने मुझे शादी करने के बजाय अपना करियर बचाने के लिए बोला, लेकिन तब मैंने खुद से पूछा मेरे लिए मैं, मेरा प्यार और मेरा करियर क्या ज़रूरी है? तब मैंने सोचा कि 5 साल तक मेरे अच्छे और बुरे समय में सुनीता हमेशा साथ रही हैं। अब मैं भी उनका साथ निभाऊंगा और उनसे शादी करूंगा।”

एक्टर अनिल कपूर को जब फिल्म ‘मेरी जंग’ से बॉलीवुड में ब्रेक मिला, तो उनके ज़ेहन में सिर्फ एक बात चल रही थी और वो थी अपनी गर्लफ्रेंड ‘सुनीता से शादी।’ अनिल को इस फिल्म के लिए जो पैसे मिले थे, उससे उन्होंने सोचा घर और मेड का इंतजाम हो जाएगा, जो कि सुनीता से शादी करने के लिए काफी था। इसके बाद अनिल ने तुरंत सुनीता को फ़ोन किया और कहा कि ‘शादी कल ही करेंगे या फिर कभी नहीं।’ जिसके बाद लोगों की बातें पीछे छोड़ अनिल और सुनीता ने 19 मई, 1984 को सात फेरे ले लिए और आज तक एक-दूसरे के साथ हैं।

 

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