Preity Zinta Legal Case: इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पंजाब किंग्स ने 11 साल बाद प्लेऑफ में जगह बनाई है। अब उसकी कोशिश टॉप 2 में बने रहने की है।ताकि प्लेऑफ में उसे इसका फायदा मिल सके. इस बीच, फ्रैंचाइज़ में हंगामा मच गया है। टीम की को ओनर Preity Zinta ने बिजनेसमैन मोहित बर्मन और नेस वाडिया के खिलाफ कोर्ट में मामला दर्ज करवाया है।
पंजाब की टीम केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड के अंतर्गत
Preity Zinta, मोहित बर्मन और नेस वाडिया पंजाब किंग्स टीम के सह-मालिक हैं। पंजाब किंग्स टीम की शुरुआत वर्ष 2008 में केपीएच ड्रीम क्रिकेट प्राइवेट लिमिटेड के तहत हुई थी। मोहित बर्मन के पास इसके 48% शेयर हैं। प्रीति जिंटा के पास 23% और नेस वाडिया के पास 23% हिस्सेदारी है। इसके अलावा करण पॉल के पास भी कुछ शेयर हैं।
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क्या है Preity Zinta Legal Case विवाद

यह हाई प्रोफाइल कंट्रोवर्सी 21 अप्रैल 2025 को ऑर्गेनाइज असाधारण आम बैठक (ईजीएम) से रिलेटेड है। प्रीति जिंटा (Preity Zinta Legal Case) के मुताबिक यह मीटिंग उचित कानूनी प्रक्रिया के बिना और कंपनी अधिनियम, 2013 के प्रावधानों के खिलाफ आयोजित की गई थी। प्रीति जिंटा ने 10 अप्रैल को ईमेल के जरिए बैठक पर आपत्ति जताई थी, लेकिन इसे नजरअंदाज कर दिया गया। प्रीति ने यह भी आरोप लगाया कि यह बैठक मोहित बर्मन और नेस वाडिया के सहयोग से हुई थी।
बोर्ड डायरेक्टर मुनीश खन्ना की नियुक्ति का विरोध
हालांकि प्रीति जिंटा और करण पॉल बैठक में मौजूद थे, फिर भी उन्होंने अदालत से इसे अवैध घोषित करने का अनुरोध किया है। इस बैठक में मुनीश खन्ना को डायरेक्टर नियुक्त किया गया था, इसलिए Preity Zinta ने अदालत से अनुरोध किया है कि मुनीश खन्ना को निदेशक के रूप में कार्य करने से रोका जाए और कंपनी को उस मीटिंग में लिए गए किसी भी तरह के फैसले को अमल में लाने से रोक लगाई जाएगी।
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पंजाब किंग्स टीम की बात करें तो इसे पहले किंग्स इलेवन पंजाब के नाम से जाना जाता था। इसे 2008 में मोहित बर्मन, नेस वाडिया, प्रीति जिंटा और करण पॉल ने लगभग 304 करोड़ रुपये (लगभग 76 मिलियन डॉलर) में खरीदा था। पंजाब की टीम अब तक सिर्फ एक बार आईपीएल फाइनल में पहुंची है।

