Battle Of Galwan Release : सलमान खान ने Battle Of Galwan के सेट पर कुछ ऐसा किया है जो इंडस्ट्री में एक सकारात्मक बदलाव लाएगा। उन्होंने फिल्म सेट पर सालों से चली आ रही एक परंपरा को अचानक खत्म कर दिया है। ये परंपरा क्या है? और इसे बदलने के लिए सलमान ने क्या किया? विस्तार से जानें।
बॉलीवुड के भाईजान सलमान खान की अगली फिल्म बैटल ऑफ गलवान होने वाली है। सलमान ने अपने सेट पर एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया है। ज़्यादातर फिल्म सेट पर कलाकारों और कुछ अहम लोगों के लिए अलग खाना और स्पॉट बॉय व अन्य कर्मचारियों के लिए अलग खाना होता है। अब सलमान ने इस भेदभाव को पूरी तरह से खत्म कर दिया है। सभी को एक जैसा खाना परोसा जाएगा।
Battle Of Galwan के सेट पर लागू की समानता
एक रिपोर्ट के मुताबिक,Battle Of Galwan के सेट पर आमतौर पर तीन तरह का खाना परोसा जाता है। पहला खाना स्टार्स के लिए, दूसरा खाना टेक्नीशियन और विभिन्न विभागों (जैसे डायरेक्शन, कैमरा) के एचओडी के लिए और तीसरा खाना बाकी यूनिट मेंबर्स के लिए होता है। सलमान खान को यह भेदभाव बिल्कुल पसंद नहीं आया। उन्होंने इस प्रथा को खत्म करने की पहल की है।
सेट पर सभी को एक ही प्रकार का भोजन
अब उन्होंने Battle Of Galwan के सेट पर अपने मोबाइल किचन, “बीइंग हंग्री” (Being Haangry) के ज़रिए सबको एक जैसा खाना खिलाने का सिस्टम शुरू किया है। इस नए सिस्टम के तहत, फ़िल्म से जुड़ा हर व्यक्ति, चाहे वो मज़दूर हो, कैमरामैन हो या खुद सलमान ख़ान, एक जैसा खाना खाएगा। और ये मुफ़्त है। गौरतलब है कि प्रोडक्शन टीम की मौजूदा खाने की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन मोबाइल किचन सभी को एक और विकल्प देता है, वो भी मुफ़्त। सलमान ने ये तरीका “सिकंदर” के सेट पर शुरू किया था। अब इसे “बैटल ऑफ़ गलवान” की शूटिंग के दौरान भी जारी रखा जा रहा है। फ़िल्मों के अलावा, ‘बिग बॉस’ के सेट पर भी इसका इस्तेमाल किया जा रहा है।
सलमान की मोबाइल किचन और बीइंग हंग्री
सलमान की मोबाइल किचन, “बीइंग हंग्री” इसी काम के लिए इस्तेमाल की जा रही है। इसकी शुरुआत कोविड महामारी के दौरान एक फूड ट्रक के रूप में हुई थी। उस समय ये ट्रक देश भर के फ्रंटलाइन वर्कर्स तक राशन पहुँचा रहे थे। लगभग पाँच साल बाद, इन ट्रकों को मोबाइल किचन में बदल दिया गया है।
पूरी फिल्म यूनिट को मिलेगा खाना

एक रिपोर्ट के मुताबिक, सलमान ने दो वैन को मोबाइल किचन में बदल दिया है। ये उनकी फिल्मों के सेट पर इस्तेमाल होती हैं, जो पूरी फिल्म यूनिट तक खाना पहुंचाती हैं। मोबाइल किचन सिस्टम से पहले भी, पके हुए खाने का एक बड़ा हिस्सा सलमान के घर से आता था, जिसे सेट पर सभी के साथ शेयर किया जाता था। हालाँकि, यह केवल मुंबई में ही संभव था। अगर शूटिंग मुंबई से बाहर होती, तो सलमान के घर से पका हुआ खाना नहीं मिल पाता। इसलिए, मोबाइल किचन एक अच्छी पहल है। इसमें किचन और कोल्ड स्टोरेज भी है। एक शिफ्ट में दो रसोइये काम करते हैं। एक बार में 500 लोगों के लिए खाना तैयार किया जा सकता है।

