अभिनेत्री अनु अग्रवाल करीब तीन दशक पहले आई फिल्म ‘आशिकी’ से रातोंरात बड़ी स्टार बन गई थीं। फिल्म ‘आशिकी’ 23 जुलाई 1990 को प्रदर्शित हुई थी। बता दें कि इस फिल्म में अनु अग्रवाल ने अभिनेता राहुल रॉय के साथ काम किया था, फिल्म में दोनों कलाकारों की जोड़ी को दर्शकों ने बेशुमार प्यार दिया था।

फिल्म ‘आशिकी’ सुपरहिट रही थी और फिल्म से रातोंरात अनु एवं राहुल बड़े स्टार बन गए थे। ख़ास बात यह है कि यह फिल्म अनु अग्रवाल की पहली ही फिल्म थी और डेब्यू फिल्म से ही उन्होंने हिंदी सिनेमा में धमाल मचा दिया था लेकिन इसके बाद वे कभी दोबारा इस तरह का जादू नहीं दिखा सकी।
अनु अग्रवाल बॉलीवुड की गुमनाम अदाकाराओं में गिनी जाती है जबकि आज से 32 साल पहले वे बॉलीवुड का बड़ा नाम बन चुकी थी। हालांकि उनके साथ हुए एक हादसे ने उनकी जिंदगी ही बदलकर रख दी थी। आइए आज आपको बताते है कि आखिर अभिनेत्री के साथ साल 1999 में कैसा हादसा हुआ था जिसने उनकी जिंदगी ही बदलकर रख दी थी।

साल 1999 में अभिनेत्री अनु अग्रवाल एक बार देर रात किसी पार्टी से लौट रही थी। तब उनकी कार का मुंबई में एक जोरदार एक्सीडेंट हो गया था। भीषण सड़क हादसे में अनु अग्रवाल बुरी तरह से घायल हो गई थी। वहां से गुजर रहे लोगों ने अभिनेत्री को अस्पताल में भर्ती करवाया था।जितना भीषण सड़क हादसा था अनु अग्रवाल को चोट भी उतनी ही गंभीर लगी थी। इस हादसे के साथ ही यह अनु की ज़िंदगी का सबसे बुरा दौर साबित हुआ था।
29 दिन तक कोमा में थी अनु

बता दें कि इस हादसे के बाद अनु 29 दिन तक कोमा में रही थीं। वे अस्पताल में 29 दिनों तक जीवन और मौत के बीच लड़ती रही। बताया जाता है कि इसी बीच अभिनेत्री ने अपनी याददाश्त भी खो दी थी लेकिन उनकी याददाश्त क़ुछ हद तक वापस लौट चुकी थी।
अनु अग्रवाल के लिए एक्सीडेंट के बाद का समय सबसे दुखदायी और कभी न याद रखने वाला रहा। सड़क हादसे में घायल होने के कारण उनका चहेरा पूरी तरह से खराब हो चुका था। अभिनेत्री ने चेहरे पर कांच के छोटे-छोटे टुकड़े घुस गए थे जिससे उनका पूरा चेहरा खराब हो गया था। अनु अग्रवाल का इलाज करीब चार सालों तक चला था। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद अभिनेत्री ने बॉलीवुड से दूरी बना ली थी और उन्होंने इस बुरी समय में आध्यात्म का रास्ता चुन लिया।

साल 2001 में अभिनेत्री ने अध्यात्म के रास्ते पर चलते हुए संन्यास ले लिया था। वहीं इस दौरान उन्होंने अपना सिर भी मुंडवा लिया था। फिलहाल वे गरीब बच्चों को योगा सिखाती हैं।

