3 घंटे 31 मिनट लंबी थी Film Indrasabha, कुल 72 गाने के साथ आज तक कोई नहीं तोड़ पाया रिकॉर्ड

Smina Sumra
3 Min Read
Film Indrasabha

Film Indrasabha: हिंदी सिनेमा की शुरुआत से ही गाने फिल्मों की आत्मा रहे हैं। कई बार फिल्में बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो जाती हैं, लेकिन उनके गाने दिलों में बस जाते हैं। भारत में फिल्म और संगीत का रिश्ता इतना गहरा है कि दोनों को अलग करना असंभव है। जब हम पुरानी फिल्मों की बात करते हैं तो सबसे पहले दिमाग में उनके गाने आते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि Indrasabha नाम की एक फिल्म थी जिसमें सबसे ज्यादा गाने थे और आज तक कोई भी उस रिकॉर्ड को तोड़ नहीं पाया है। आइये जानते हैं इस Film Indrasabha के बारे में।

साउंड फिल्मों के युग में रचा इतिहास 

हम बात कर रहे हैं 1932 में रिलीज हुई फिल्म ‘इंद्र सभा’ की, जिसमें कुल 72 गाने थे। 93 साल बाद भी कोई इस रिकॉर्ड को तोड़ नहीं पाया है। यह फिल्म लगभग 3 घंटे 31 मिनट लम्बी थी। इससे पहले 1925 में ‘इंद्र सभा’ नामक मूक फिल्म बनाई गई थी, जिसका निर्देशन मणिलाल जोशी ने किया था। इसमें न तो म्यूजिक था और न ही डायलॉग। लेकिन जब 1932 में सवाक फिल्मों का युग शुरू हुआ तो ‘इंद्रसभा’ ने 72 गानों के साथ इतिहास रच दिया।

Read this also: सुहागरात पर लिखा गया वो सॉन्ग लेकिन एक भी गंदा शब्द नहीं, सालों बाद भी लोगों के जुबां पर है बरकरार

उर्दू नाटक से प्रेरित थी Film Indrasabha 

‘इंद्र सभा’ का निर्माण जे.एफ. मदान की प्रसिद्ध कंपनी मदन थियेटर्स द्वारा किया गया था। जे.एफ.मदान उस समय के जाने-माने थिएटर कलाकार और फिल्म वितरक थे। यह फिल्म 1853 में पहली बार मंच पर प्रदर्शित एक लोकप्रिय उर्दू नाटक पर आधारित थी। Film Indrasabha में मुख्य भूमिकाएं जहांआरा कज्जन और मास्टर निसार ने निभाई थीं। जहाँआरा कज्जन न केवल एक उत्कृष्ट अभिनेत्री थीं, बल्कि एक शानदार गायिका भी थीं, जिन्हें ‘बंगाल की कोकिला’ के रूप में जाना जाता था। उनकी आवाज और अभिनय ने फिल्म को खास बना दिया।

Read this also: Rekha कभी नहीं भूल पाएंगी अमिताभ बच्चन की ये बात जो उन्होंने कही थी…

क्या थी Film Indrasabha की कहानी 

Film Indrasabha में 9 ठुमरी, 4 होली गीत, 15 सामान्य गीत, 31 ग़ज़लें, 2 चौबोला, 5 छंद और 5 अन्य गीत शामिल थे। फिल्म की कहानी एक दयालु राजा के इर्द-गिर्द घूमती है जो अपनी प्रजा से बहुत प्यार करता है और जरूरतमंदों की मदद करता है। Film Indrasabha में कहानी में मोड़ तब आता है जब एक अप्सरा राजा की परीक्षा लेने आती है लेकिन खुद उससे प्रेम करने लगती है। यह रोमांटिक और रोमांचक कहानी दर्शकों को खूब पसंद आई। जहांआरा कज्जन ने सब्ज परी और मास्टर निसार ने गुलफाम की भूमिका निभाई। उनकी जोड़ी ने उस समय दर्शकों का दिल जीत लिया था।

Share This Article
Leave a comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *