India’s first VJ Ruby Bhatia : 1990 के दशक के उत्तरार्ध और 2000 के दशक के आरंभिक वर्षों में भारतीय मनोरंजन जगत में तेज़ी से बदलाव आ रहा था। युवा दर्शक रेडियो से टेलीविजन की ओर रुख कर रहे थे। टीवी पर आरजे की अनौपचारिक, आत्मविश्वासपूर्ण और मैत्रीपूर्ण बोलने की शैली लोकप्रिय हो गई। म्युजिक चैनल लोकप्रिय हो रहे थे और एंकर सितारे बन रहे थे। इस बदलाव के दौर में एक चेहरा सबकी नज़रों से ओझल हो गया। वह चेहरा था रूबी भाटिया।
कौन हैं India’s first VJ
पूर्व मिस इंडिया कनाडा रूबी मुंबई आई थीं, तब उनका मनोरंजन उद्योग में आने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने वीजेइंग के बारे में कुछ भी जाने बिना एमटीवी के लिए ऑडिशन दिया और उनका सिलेक्शन हो गया। जल्द ही, वह भारत की पहली वीडियो जॉकी बनीं और बाद में चैनल वी का चेहरा बन गईं। उनके आत्मविश्वास और स्पष्टता ने उन्हें सबसे अलग पहचान दिलाई। उन्होंने एक बार कहा था कि उन्होंने “आम आदमी से लेकर अमिताभ बच्चन तक” सभी का इंटरव्यू लिया है।
रूबी भाटिया का करियर ग्राफ
जैसे-जैसे रूबी की लोकप्रियता बढ़ती गई, उन्होंने अभिनय में हाथ आजमाया। उन्होंने ‘कसौटी जिंदगी की’ और ‘चोरी चोरी चुपके चुपके’ और ‘मैं प्रेम की दीवानी हूं’ जैसी फिल्मों में काम किया। शोहरत और अच्छी कमाई के बावजूद, उन्हें अकेलापन महसूस होता था। कुछ खास तरह के किरदार निभाना उन्हें पसंद नहीं था और बॉलीवुड में अपेक्षित जीवनशैली और पहनावे से वे असहज महसूस करती थीं। लगातार मिल रही अटेंशन ने उनकी निजता भी छीन ली और वे एक शांत जीवन की चाहत रखने लगीं।
बिना जुनून के प्रसिद्धि
मशहूर हस्तियों से घिरी होने के बावजूद, रूबी ने कभी भी प्रसिद्धि पाने की चाह नहीं रखी। उन्होंने एक बार एक मजेदार घटना याद करते हुए बताया कि कैसे वह हवाई अड्डे पर रेखा को पहचान नहीं पाईं। रूबी ने बाद में हंसते हुए कहा, “उन्होंने मुझसे बात की और मैं उन्हें पहचान ही नहीं पाई। किसी ने कहा कि रेखा जी बहुत खूबसूरत लग रही हैं। मैंने पूछा कि रेखा कहां हैं? उन्होंने कहा कि आप अभी उनसे बात कर रही थीं।”
30 वर्ष की आयु में रूबी (India’s first VJ Ruby Bhatia) ने शोहरत को त्याग दिया। आध्यात्मिकता की ओर गहरी रुचि रखने वाली रूबी ग्लैमर और आंतरिक शांति के बीच दुविधा में फंसी हुई थी। उसने लोकप्रियता के बजाय जीवन के अर्थ को चुना।
अब कहां हैं India’s first VJ Ruby Bhatia
2024 में सिद्धार्थ कन्नन के साथ हुई बातचीत में रूबी ने बताया कि अब वह लोगों को वजन घटाने, व्यक्तित्व विकास, खुशी और भावनात्मक समस्याओं में मदद करती हैं। वह अपने बेटों को घर पर ही पढ़ाती हैं, महिलाओं के लिए एक हेल्पलाइन चलाती हैं और मुंबई में सादा जीवन जीती हैं। रूबी भाटिया गायब नहीं हुईं। उन्होंने शोहरत की जगह शांति को चुना।

