नौकरी करने वाले किसी भी शख्स को महीने की पहली तारीख का इंतजार रहता है। पूरे महीने मेहनत से काम करने के बाद यही वह दिन होता है जब अकाउंट में सैलरी आती है। लेकिन एक कर्मचारी ऐसा भी है जो कई सालों तक बिना मेहनत किए कंपनी से सैलरी लेता रहा। आप सोच रहे होंगे किया आज के हाईटेक जमाने में ये सब संभव है। लेकिन इसी हाईटेक जमाने में इस काम को अंजाम दिया गया है। वो भी एक दो नहीं बल्कि पूरे पांच साल तक। इस दौरान बिना काम के सैलरी लेने वाले शख्स ने ना सिर्फ प्रमोशन पाया बल्कि मोटी सैलरी भी उसके अकाउंट में बिना काम के क्रेडिट होती रही। ये मामला कभी सामने नहीं आता। लेकिन इस ईमानदार शख्स ने कंपनी से निकाले जाने के बाद पिछले 5 सालों में की गई इस मेहनत की तरफ सभी का ध्यान आकर्षित किया।

इस बात का खुलासा एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रे़डिट में हुआ है। इसमे शख्स ने कंपनी का नाम लिए बगैर अपने एक्सपीरिएंस को साझा किया है। शख्स के मुताबिक साल 2015 में उसे एक कंपनी में डाटा एंट्री की जॉब मिली। इस जॉब में कंपनी ने उसे कुछ डाटा दिए जिसे उसे हर रोज कंम्प्यूटर में फीड करना होता था। पहले कुछ दिन तक को शख्स ने इस डाटा को मैनुअली फिट किया।
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लेकिन कुछ समय बाद उसे अहसास हुआ कि डाटा को को़डिंग की मदद से फीड किया जा सकता है। इस शख्स को कंपनी ने नाइट शिफ्ट ऑफर की थी। जहां उसे घर पर बैठकर काम करना था। लिहाजा उसके लिए दिन में किसी कोडिंग वाले शख्स को ढूंढकर एक नया कोड डेवलेप ही कराना बाकी रह गया था। ट्रेनिंग के दौरान वो समझ चुका था कि ये काम ज्यादा देर का नहीं है। यदि कोडिंग की मदद से इस काम को किया जाए तो बिना मेहनत के ही काम को खत्म किया जा सकता है। फिर क्या था शख्स ने दिमाग दौड़ाया।
अपने काम से संबंधित कोड बनवाने के लिए एक फ्रीलांस डेवलेपर से संपर्क किया। डेवलेपर ने कर्मचारी को कोड तो बनाकर दे दिया लेकिन इसके बदले उसने जितनी सैलरी वो कंपनी से ले रहा था उसकी दोगुनी रकम मांगी। कर्मचारी को लगा कि इससे अच्छा और क्या होगा। लिहाजा उसने अपने दो महीनों की सैलरी बराबर पैसा कोडिंग वाले को देकर उसे हासिल कर लिया औऱ लैपटॉप में कोड को फीड किया। लगातार वो दो साल तक इस काम को कोड से करता और बकायदा चेक करता कि कहीं कोई गलती तो नहीं हो रही है। जब वो आश्वस्त हो गया कि कोडिंग गलती नहीं कर रहा तो उसने काम के दौरान सिर्फ कम्प्यूटर को खोलकर छोड़ दिया। ताकि कोडिंग के जरिए डाटा फीड होता रहे।
हालांकि घंटों की शिफ्ट में उसे यह काम करने में सिर्फ पांच मिनट लगते थे। जब उसे कोड पर विश्वास हुआ तो वह अपनी शिफ्ट के दौरान कंप्यूटर को चालू करके अपने काम निपटाता। मूवी देखता। पार्टी करता और तो और काम के दौरान देर तक सोना उसके लिए आसान हो गया। इस दौरान बिना काम के ही उसे कंपनी ने पेमेंट देना जारी रखा यही नहीं साल भर छुट्टी नहीं लेने के कारण उसे प्रमोट भी किया गया।

