Mithun chakraborty property controversy : बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने अभिनेता मिथुन चक्रवर्ती को उनके मलाड परिसर में ग्राउंड और मेजेनाइन फ्लोर के कथित अनधिकृत निर्माण के लिए कारण बताओ नोटिस भेजा है। मेजेनाइन फ्लोर एक आंशिक फ्लोर होता है, जो आम तौर पर दो फ्लोर के बीच बनाया जाता है। नोटिस में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि संपत्ति मालिक द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा तथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि Mithun chakraborty ने इन खबरों को निराधार बताया है।
बिना अनुमति खाली प्लॉट पर निर्माण करने का आरोप

नगर निगम ने 10 मई को अवैध निर्माण वाली 101 संपत्तियों की सूची तैयार की है। इसमें मलाड के एरंगल गांव में हीरा देवी मंदिर के पास एक भूखंड भी शामिल है, जिसका मालिक मिथुन चक्रवर्ती है। बीएमसी का आरोप है कि इस स्थान पर बिना अनुमति के ग्राउंड और मेजेनाइन फ्लोर वाले दो स्ट्रक्चर्स, एक ग्राउंड फ्लोर स्ट्रक्चर और अस्थाई यूनिट्स बनाई गई हैं। इस यूनिट्स में ईंटों, लकड़ी के तख्तों, कांच की दीवारों और एसी शीट की छत का भी उपयोग किया गया है, जो कि अवैध है।
इस संबंध में बीएमसी द्वारा जारी कानूनी नोटिस के अनुसार, यदि संपत्ति मालिक की ओर से संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है तो उनके खिलाफ धारा 475 ए के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी और अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया जाएगा।
हमने कोई अवैध निर्माण नहीं किया है: Mithun chakraborty
सरकार द्वारा कानूनी नोटिस भेजे जाने की खबरों के बीच Mithun chakraborty ने मीडिया को दिए इंटरव्यू में कहा, ‘मैंने कोई अवैध निर्माण नहीं किया है और मेरे पास कोई अनऑथराइज्ड स्ट्रक्चर नहीं है। फिलहाल कई लोगों को नोटिस भेजे गए हैं और हमने अपना जवाब भेज दिया है।

