बॉलीवुड एक्टरों के कई क़िस्से शराब पीकर बदतमीजी करने या अय्याशी करने के आते रहते हैं। पर आज हम ऐसे एक्टर की बात करेंगे जिनके बारे में यह कहा जाने लगा था कि वह सेट पर भी शराब पीकर आ जाते है।
उनका बिहेवियर भी सेट पर अच्छा नही था। दरअसल यह बॉलीवुड के नवाब स्टार सैफ़ अली खान के बारे में कहा जाता हैं। बॉलीवुड में वह काम करने तो मुबंई आ गए थे, पर उनके दिमाग़ से नवाबी का नशा कभी उतरा नही, वह प्रोड्यूसर, डायरेक्टर और साथ काम करने वालो को कभी कुछ समझते नहीं थे। वह किसी के साथ भी बदतमीजी से पेश आ जाया करते थे।
स्पाइल्ड किड थे सैफ़ अली खान
कहा जाता हैं कि 1993 में अपने बॉलीवुड करियर की शुरुआत करने वाले सैफ़ अली खान शुरुआत में अपने काम के लिए सीरियस नही रहा करते थे। पर धीरे-धीरे आज वह अच्छे और मंझे हुए कलाकारों में से एक है ।
1993 मई के महीने में उनकी दो फ़िल्में आई, यश चोपड़ा की ‘परंपरा’ और उमेश महरा की ‘आशिक अवारा।’ सेफ़ इससे पहले भी अपने करियर की शुरुआत कर सकते थे। पर उनके बारे में यह अफ़वाह फैल गई थी कि वह अपने काम को लेकर सीरियस नही है।
जिसकी वजह से उन्हें निकाल दिया गया। इन दो फ़िल्मों से पहले सैफ को दो फ़िल्मों से बाहर का रास्ता देखने को मिला था और उन्हें काम मिलना बंद हो गया था। प्रोड्यूसर और डायरेक्टर सैफ की नवाबी की अदातों से परेशान हो जाया करते थे ।
सैफ़ अली खान का डूबा करियर
सैफ़ ने एक इंटरव्यू में कहा था ‘राहुल जी की फ़िल्म मेरे हाथ से जाना मेरे लिए लॉस था। इससे मेरे करियर पर असर पड़ा मेरे हाथ से एक बढ़िया फ़िल्म निकल गई। लेकिन दूसरी फ़िल्म जो सतीश शौरी की थी उससे मुझे निकाला नही गया था,उसका कॉन्ट्रैक्ट ही 6 महीने का था।