हमारे देश में सभी गाड़ियों में फास्टैग लगने के बाद टोल प्लाजा पर नब्बे फीसदी पेमेंट इलेक्ट्रॉनिक तरीके से हो रही है. जिससे फरवरी माह का देश में टोल कनेक्शन करीब 108 करोड़ रुपए रहा. वहीं कई टोल प्लाजा अब तक खुद को अपग्रेड नहीं कर सके हैं. लेकिन इन सबके बीच देश में नई तकनीक से टोल काटने पर तैयारियां जोरों पर है.इसके लिए ट्रायल के तौर पर सैटेलाइट के माध्यम से टोल काटने का सिस्टम शुरु होगा. इस सिस्टम में जब भी गाड़ी आपकी नेशनल हाईवे पर होगी तब ही टोल कटेगा. यानी गाड़ी का कनेक्शन सीधा सैटेलाइट से होगा.

सैटेलाइट से कटेगा टोल
सरकार भविष्य में टोल प्लाजा भी खत्म करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए सरकार हाईटेक सिस्टम की मदद लेगी। सरकार का दावा है कि दो साल के भीतर कई हाइवे पर सैटेलाइट के जरिए टोल टैक्स वसूलने की शुरुआत हो जाएगी। इस तकनीक के लागू होने के बाद न टोल प्लाजा की आवश्यकता पड़ेगी, वहीं जाम से भी छुटकारा मिलेगा। सरकार का कहना है कि जीपीएस-सैटेलाइट के जरिए वाहन स्वामी के खाते से टोल टैक्स कट जाएगा। वहीं इसका दूसरा फायदा यह भी होगा कि जितनी दूसरी आपने तय की है एंट्री और एग्जिट पाइंट से पता चल जाएगा और टोल की राशि उसी के मुताबिक स्वतः खाते से कट जाएगी।
देश से हटेंगे कई टोल प्लाजा
सैटेलाइट नेविगेशन सिस्टम लागू होने के बाद देशभर से टोल प्लाजा हटा दिए जाएंगे. सरकार ने इसके लिए साल 2020 में दिल्ली-मुंबई रुट पर कुछ ट्रकों में ऑन बोर्ड यूनिट और इसरो के नेविगेशन सिस्टम के जरिए एक पायलट प्रोजेक्ट शुरु किया था. जो सफल रहा. अब केंद्र सरकार इस सिस्टम को शुरु करने के लिए जरुरी टेस्ट करने में जुटी है.

6 राज्यों में चल रहा है ट्राइल
इसके लिए सरकार ने देश भर में 1.37 लाख गाड़ियों को शामिल किया है. जिसमे महाराष्ट्र,दिल्ली, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश और गोवा राज्य में गाड़ियों में सिस्टम लगाए गए हैं. इस बारे में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि तीन माह के भीतर 60 किमी के अंतर वाले टोल प्लाजा हटाए जाएंगे.देश में ऐसे 727 टोल प्लाजा हैं. जिनकी मैपिंग करने के बाद उन्हें हटाया जाएगा. लेकिन अभी इन टोल प्लाजा को किस नियम के तहत हटाया जाएगा इसकी जानकारी आना बाकी है.
![PDF] The Polish initial project of electronic toll collection system | Semantic Scholar](https://d3i71xaburhd42.cloudfront.net/240a3012f2e434bba65aaf6b39b37c1f447bd7ac/9-Figure5-1.png)
वेटिंग टाइम ढाई मिनट तक रह गया
वहीं सरकार का कहना है कि FASTags से अब वेटिंग पीरियड तेजी से घट रहा है, पहले वेटिंग पीरियड 464 सेकेंड था, अब घटकर 150 सेकेंड यानी ढाई मिनट रह गया है। जयपुर प्लाजा पर जहां पहले 30 मिनट लगते थे, अब घट कर केवल पांच मिनट लगते हैं। वहीं 80 फीसदी टोल प्लाजा पर वेटिंग पीरियड जीरो पहुंच गया है। सरकार का दावा है कि इससे तकरीबन 20 हजार करोड़ रुपये के ईंधन की बचत होगी, साथ ही पांच लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है।
पुराने वाहनों के लिए फास्टैग जरूरी
सरकार तैयारी कर रही है देश में जितनी भी पुरानी गाड़ियां हैं, उनके दस्तावेजों का नवीनीकरण बिना फास्टैग के न हो। सरकार इस योजना को आगामी एक अप्रैल से लागू करने की तैयारी कर रही है। निजी-व्यावसायिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, बीमा, फिटनेस, परमिट जैसे दस्तावेजों की सूची में जल्द ही फास्टैग को शामिल करने की तैयारी की जा रही है। बिना फास्टैग फिटनेस प्रमाणपत्र जारी नहीं किया जाएगा। साथ ही थर्ड पार्टी बीमा भी नहीं कराया जा सकेगा। इसके लिए सरकार फॉर्म 51 में बदलाव करने की तैयारी कर रही है, जिसकी अधिसूचना इसी महीने मार्च में जारी हो सकती है।

