रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की अपकमिंग मूवी ब्रह्मास्त्र को लेकर दर्शकों के बीच अभी से उत्साह पैदा हो गया है। वहीं मेकर्स ने ब्रह्मास्त्र को लेकर बड़ा ऐलान किया है। ब्रह्मास्त्र जैसी बड़ी फिल्म को पूरे देश में एक साथ कई भाषाओं में रिलीज किया जाएगा। साउथ में भी फिल्म अलग-अलग भाषाओं में रिलीज की जाएगी। यानी हिंदी के अलावा ये फिल्म तेलुगु, तमिल, मलयालम औऱ कन्नड़ भाषा में भी दिखाई जाएगी। इसके लिए निर्माता करण जौहर ने साउथ की फिल्मों के शहंशाह राजमौली से हाथ मिलाया है। राजामौली ब्रह्मास्त्र को दक्षिण की भाषाओं में रिलीज करेंगे।

राजामौली साउथ के उन निर्देशकों में से एक हैं, जिनके साथ हर सुपरस्टार काम करना चाहता है।एक्शन फिल्मों में उन्होंने जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की है। राजामौली अपनी फिल्मों की कहानी खुद लिखते हैं और उसका निर्देशन करते हैं। जिसके कारण साउथ इंडस्ट्री में उनकी फिल्मों का दबदबा बना रहता है। दर्शकों को राजमौली की RRR का बेसब्री से इंतजार है।
रणबीर और आलिया तो फिल्म में हैं ही। साथ ही में बड़े कलाकार भी फिल्म की शोभा बढ़ा रहे हैं। इस फिल्म में अमिताभ, डिंपल कपाड़िया, नागार्जुन औऱ मौनी रॉय नजर आएंगी। अमिताभ का किरदार भगवान ब्रह्मा से और नागार्जुन को भगवान विष्णु के तौर पर दिखाया गया है। फिल्म को लेकर एक्टर रणबीर कपूर भी खासे उत्साहित नजर आ रहे हैं।

क्योंकि वो एक सुपर पावर से लैस व्यक्ति का किरदार निभाएंगे। निर्माताओं की मानें तो ये फिल्म दर्शकों को नई दुनिय़ा में लेकर जाएगी। फिल्म में विजुअल इफेक्ट्स इतने असरदार रखे गए हैं कि आपको खुद की आंखों पर यकीन नहीं होगा। इफेक्ट्स के जरिए कहानी को जीवंत करने की कोशिश की गई है जो भारतीय सिनेमा में पहली बार होगा। वहीं विदेशी फिल्मों की तरह इस फिल्म में भी किरदारों को कॉस्ट्यूम दिए गए हैं।
‘ब्रह्मास्त्र’ तीन हिस्सों में बनाई जा रही है। पहले पार्ट को 2022 में 9 सितंबर को हिंदी के साथ-साथ तमिल, तेलुगु, कन्नड और मलयालम में रिलीज किया जाएगा। प्रोडक्शन की यदि बात करें तो ये फिल्म धर्मा प्रोडक्शन की अब तक की सबसे महंगी फिल्मों में से एक है।
क्योंकि मेकर्स ने इसे तीन हिस्सों में बनाने का ऐलान करके ये बात को पक्की कर दी है कि फिल्म को मेगा स्केल पर लाया जाएगा। इस फिल्म के डायरेक्टर अयान मुखर्जी की माने तो उनके मन में इस विषय पर फिल्म बनाने का ख्याल साल 2011 से ही आ गया था जब उनके आंखों के सामने हिमालय की चोटिय़ां थीं। उसी समय से उनके मन में एक दैवीय कथा को लेकर हलचल पैदा हो गई थी।

