केबीसी में 5 करोड़ का जैकपॉट जीतने वाले सुशील कुमार के बुरे दिन उस दिन शुरु हुए जब उनके खाते में पैसे आए। 5 करोड़ की रकम जीतकर जब वो वापस लौटे तो वो किसी सेलिब्रिटी से कम नहीं थे।

लोग उन्हें छोटे मोटे कार्यक्रमों में बुलाने लगे। इसी बहाने वो कई जगह पैसे दान देकर आ जाते थे। कुछ नया करने की चाहत में सुशील ने दिल्ली में टैक्सी चलवाई और कुछ पैसे कमाने लगे। लेकिन दिल्ली में ही उन्हें कई ऐसे लोग भी मिले जिन्होंने उनके दिमाग में भर दिया कि जहां से वो आते हैं वहां के लोगों ने दुनिया नहीं देखी बस दुनिया देखने  के चक्कर सुशील परेशानियों से घिरते गए।

सोशल मीडिया में सुशील ने बयां किया था दर्द 

सोशल मीडिया में उन्होंने अपना पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- ‘केबीसी जीतने के बाद का उनके जीवन का सबसे बुरा समय’. उन्होंने बताया कि- ‘2015-2016 उनके जीवन का सबसे चुनौती पूर्ण समय था । कुछ बुझाइए नहीं रहा था क्या करें ।

सुशील ठगाए भी बहुत

केबीसी के बाद सुशील दानवीर बन गए और गुप्त दान का चस्का भी लगा था । हर महीने दान में पचास हजार रुपए जाते ही थे। कई बार वो ठगे भी गए। जिसका असर उनके परिवार पर पड़ा। पैसे बिना सोचे समझे खर्च करने पर पत्नी नाराज होती थी।

सुशील को लगता था कि पत्नी उन्हें समझ नहीं पा रही लिहाजा खूब झगड़े भी हुए। बाद में शराब और सिगरेट की लत लगी। एक रात अंग्रेजी न्यूज पत्रिका के पत्रकार ने फोन किया तो उनसे गुस्से में कहा कि सारे पैसे खत्म हो गए हैं। कंगाल हो चुके हैं। दो गायों के सहारे जीवन कट रहा है। फिर क्या था सारे लोग जो मेरे आसपास पैसों की खातिर थे गुम हो गए ।

कब आई पटरी पर गाड़ी

मुंबई में डायरेक्टर बनने का सपना लेकर आए थे लेकिन वहां भी मन नहीं लगा। आखिरकार किताबें पढ़नी शुरु की तब एहसास हुआ कि हम अपनी ही जिंदगी से भाग रहे हैं। फिर क्या था । वापस बिहार आ गए परीक्षा की तैयारी की और टीचर बन गए। तब से लेकर अभी तक पर्यावरण को लेकर काम कर रहे हैं। आगे भी इसी में ही जिंदगी बितानी है।

 

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