बॉलीवुड के मशहूर और दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर अपनी आगामी फिल्म जुग-जुग जियो को लेकर खासे चर्चा में हैं. अनिल को इंडस्ट्री में लगभग 40 साल हो चुके हैं. अनिल ने धर्मा संग पहली बार काम करने का एक्स्पीरियंस भी शेयर किया है. सालों से इंडस्ट्री में सक्रिय होने के बावजूद क्या अनिल कपूर फिल्मों की सक्सेस को लेकर टेंशन में रहते हैं.इसके जावब में अनिल कहते हैं, यह निर्भर करता है कि फिल्म मैं किसके साथ कर रहा हूं. मैं जुग-जुग जियो को लेकर निश्चिंत हूं. हां, करियर की शुरुआत में इतनी सक्सेसफुल फिल्में की हैं, तो प्रेशर अपने आप बनता है. खासकर वैसी फिल्मों को लेकर टेंशन होती है, जो बड़े बजट की बनी हो.
बहुत से फिल्मों के दौरान टेंशन में रहा हूं लेकिन नाम नहीं लूंगा. अनिल पहली बार धर्मा प्रोडक्शन के साथ कोई फिल्म कर रहे हैं. इतने सालों तक इस प्रॉडक्शन हाउस से दूरी की वजह पर अनिल कहते हैं, यह मेरी पहली फिल्म है. करण जौहर के फादर से मेरा अच्छा रिलेशन रहा है. करियर के शुरूआत में उन्होंने मुझे एक फिल्म ऑफर की थी, जो मुझे पसंद नहीं आई थी.मैंने मना कर दिया था. उन्हें बहुत बुरा लगा था. वो फिल्म मिस्टर इंडिया के साथ ही रिलीज हुई थी. हम जब भी मिलते, तो मैं उनसे कहता था कि एक दिन जरूर काम करूंगा. करण जौहर भी हमेशा कहा करता था कि आपके साथ काम करना है लेकिन कभी बात बनी नहीं. अब जाकर जुग-जुग जियो फिल्म में साथ काम किया है.
यंग एक्ट्रेस अब काम नहीं करना चाहती हैं
नीतू कपूर के साथ पहली बार काम करने पर अनिल कहते हैं, ऋषि जी के समय से नीतू से जान पहचान हैं. पहली बार जब सेट पर भी मिले, तो यही एहसास था कि कोई फैमिली का ही मेंबर है. नीतू जी की कमबैक फिल्म है, तो हमारे लिए फायदा ही हुआ है. वो क्या होता है कि यंग हीरोइन आपके साथ काम करना नहीं चाहती हैं. वो अपने से छोटे हीरो के साथ काम करना चाहती हैं. वैसे अभी पांच-छ एक्ट्रेस हैं ऐसी लिस्ट में, जो खूबसूरत हैं और यंगर से भी बेहतरीन हैं. इन पांच-छ में माधुरी दीक्षित का नाम पहला है.
अनिल कहते हैं, यह तो लोगों के देखने का नजरिया है. उनका प्यार है, लेकिन ऐसा नहीं है. वैसे मैं पहले से ही कभी गलतफहमी में नहीं रहा है. मैंने अपने करियर के बीच में ही खुद को समझा लिया था कि हर वक्त हीरो बनकर नहीं रहा जा सकता है. मैंने हमेशा अपनी उम्र के हिसाब से फिल्मों की चॉइसेस की हैं. मैंने कभी कोशिश नहीं की है कि रबर को इतना खींच लूं कि वो टूट जाए.इससे पहले कि लोग बोलने लगे और आपका मजाक बनना शुरू हो जाए, उससे पहले ही क्यों न खुद की डिसीजन लेकर अपने करियर की दिशा बदल ली जाए. मैंने सही टाइम पर सही डिसीजन लिया है. मैंने वैसे रोल्स करने शुरू किए, जो मेरी उम्र के हिसाब से बनी हो. मैंने बीबी नंबर वन, ताल, नो-एंट्री, वेलकम, दिल धड़कने दो जैसी फिल्में की हैं. मैं इन सब किरदारों को करते हुए काफी खुश और सहज था. जब आप खुश होकर काम करते हैं, तो चेहरे पर वो खुशी नजर आती है.
आप खुद को उस चीज के लिए फोर्स करते हो, जो हो नहीं, उसका स्ट्रेस भी दिखता है. आप स्पेशल इफेक्ट्स का सहारा लेकर खुद को हीरो बना लेते हैं, तो वो अब दर्शकों ने समझना शुरू कर दिया है. आप फैंस को एक दो बार बेवकूफ बना सकते हैं, लेकिन बार-बार करेंगे, तो चोरी पकड़ी ही जाती है. अब जो मुझे वरुण का रोल कोई करने को कहेगा, तो कैसे संभव है, मैं तो उसका बाप ही बनूंगा न.