आपको बता दे की बहुत ही जल्दी ‘ताज फेस्टिवल’ की शुरुवात होने वाली है जिसका लोगो को बहुत वक़्त से इंतजार है खबरों के अनुसार हमको यह जानकरी हासिल हुई है की इस बाद 20 मार्च से शुरू होगा ताज फेस्टिवल जिसमे शामिल होने के लिए दुनिया भर कई देशों से पर्यटक भी आने वाले है वह पर सब लोग ताज महल को देखने के लिए आते है वो यहाँ इस वजह से भी आते है क्यों की उन्होंने आज तक ताज महल को सिर्फ तस्वीरों में देखा होता है सिर्फ ताज महल को ही नहीं बालकजी उससे जुडी कर एक चीज़ो के देखने के लिए वो यहाँ पर आते है
आपको बता दे की जब पर्यटक यहाँ पर आते है तब उनको ताज महल के बारें में और जानकरी भी लेनी होती है जिसके बारें में उनको जानकरी नहीं होती है और हर किस्सों के बारें में वो जानकरी लेती है और एक किस्सा यह भी है की जब शाहजहां ने यह ताज महल बनवाया था तब उन्होंने उसको बनने वाले मजदूरों के हाथ कटवा दिए थे जिसकी वजह से वो जीवन में कभी भी ऐसा अजूबे कभी नहीं बना सके पर्यटक दूर दूर से बस इस बात की जानकरी लेने के लिए ही आते है की काया यह बात सच है और उन्होंने ऐसा क्यों किया था।
खबरों के अनुसार हमको भी यह जानकरी हासिल हुई थी की शाहजहां का नाम कही और महिलाओ के साथ में भी शामिल हुआ था मगर वो सबसे ज़्यदा प्यार अपनी पत्नी मुमताज से ही करते थे जिसके लिए उन्होंने ताज महल बनवाया है ऐसा भी बतया जाता है की शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज से बहुत प्यार किया जब तक वो ज़िंदा थी और उनकी दूसरी बीवियां उनका ध्यान रखती थी मगर वो प्यार सिर्फ मुमताज से करते थे एक किताब में इस बात का जिक्र किया गया है की शाहजहां मुमताज के बगैर एक पल नहीं रह सकते थे. ताजमहल बनवाने के पीछे वो सपना था जिसे मुमताज ने देखा था. शाहजहां के गद्दी संभालने के 4 साल के अंदर ही मुमताज महल का निधन हो गया था.
निधन होने से कुछ वक़्त पहले ही मुमताज ने यह बात शाहजहां से कही थी की मैंने अपने सपने में एक सुंदर महल और बाग देखा तह और अब यह चाहती हु की आप मेरी याद में ऐसा ही एक मकबरा बनवाएं. जो की पूरी दुनिया में मशहूर हो उसके बाद में उसका निर्माण शुरू हो गया थाताज महल को देखने के लिए आये पर्यटकों को दिमाग में हमेसा एक सवाल सबसे ज़्यदा आता है की क्या सच में ताजमहल बनाने वाले मजदूरों के हाथ काट दिए गए थे? मगर आज तक यह बात साबित नहीं हुई है की ताजमहल बनाने वाले मजदूरों के हाथ काट दिए गए थेयह बात महज एक कोरी कल्पना है ताजमहल तो प्यार की एक बहुत ही खूबसूरत निशानी है जो की शाहजहां ने अपनी बेगम के लिए बनवाई है बता दे की ताज महल का निर्माण 1631 ईसवी में शुरू हुआ था जिसको पूर्त्त करने में 22 साल का वक़्त लगा था ताजमहल का निर्माण करने के लिए अधिकतर मजदूर कन्नौज के हिंदू थे.यह सवाल अभी तक एक सवाल ही है इसकी सचाई अभी तक किसी को भी मामूल नहीं है