जब किसी म्यूजिक डायरेक्टर ने नहीं दिया मौका तब AR Rahman ने चमकाई थी किस्मत

Ranjana Pandey
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ये जवानी है दीवानी मूवी का बदतमीज दिल गाना हो या फिर कॉकटेल फिल्म का दारु देसी गाना, ये गाने बॉलीवुड सुपरह‍िट सॉन्ग्स की लिस्ट में तो हैं ही पर इन गानों के बिना पार्टियां भी अधूरी रहती हैं.ऐसे बहुत से सुपरहिट गानों को गाने वाले सिंगर बेनी दयाल आज अपना बर्थडे मना रहे हैं. एक साल में बेनी भले ही कम गाने गाते हों लेकिन उनके ज्यादातर गाने लोगों की जुबान पर चढ़े रहते हैं.

पार्टी ऑल नाइट, पप्पू कांट डांस साला, सारी नाइट, बदतमीज दिल जैसे गानों से फेमस हुए बेनी, हिंदी सिनेमा में अपनी बेहतरीन गायकी के लिए जाने जाते हैं. बेनी दयाल के गानों की लंबी फेहरिस्त है. उनके लिए संगीत ही धर्म है. मीडिया से बात करते हुए एक बार सिंगर ने बताया था कि संगीत एक ऐसी चीज है जो जीवन भर मुझे चलाती रही है’.

बेनी दयाल ने अब तक 16 भाषाओं में 2 हजार से ज्यादा गाने गाये हैं. हिंदी के अलावा तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और बंगाली में भी गाने गाए हैं. उन्हें फिल्म गजनी के गाने ‘कैसे मुझे तुम’ के लिए फिल्मफेयर अवॉर्ड से भी नवाजा जा चुका है. यू-ट्यूब ने बेनी को हिंदुस्तान का सबसे बढ़ता म्यूजिक यूथ आइकन माना, जिसके बॉलीवुड गानों को ही 10 मिलियन व्यूज मिले है. यही नहीं बेनी का गाया बदतमीज दिल वर्ल्ड साउंड ट्रैक अवॉर्ड्स में फीचर होने वाला पहला हिंदुस्तानी गाना था.

कठिन थी गायकी की डगर

3 मई, 1984 को केरल में जन्मे बेनी का बचपन आबूधाबी में बीता है. उनके पेरेंट्स मूल रूप से केरल के हैं. बेनी ने अबु धाबी इंड‍ियन स्कूल से स्कूलिंग की और फिर मद्रास किश्चियन कॉलेज से मास्टर्स इन जर्नल‍िज्म की पढ़ाई पूरी की.एक इंटरव्यू में बेनी ने बताया था, ‘कॉलेज के बाद मैं एक मशहूर म्यूजिक डायरेक्टर के पास गया. उन्होंने मुझे चिल्लाकर कहा था कि तुम कभी प्लेबैक सिंगर नहीं बन सकते. न जाने कितनी बार कितने म्यूजिक डायरेक्टर्स ने मुझे मौका देने से इनकार कर दिया. मैं सभी से मिला, लेकिन एआर रहमान से नहीं क्योंकि जानता था कि उनसे मिल पाना नामुमकिन है. तब मैंने 2006 में एक बीपीओ में नौकरी करने का फैसला लिया.बेनी ने आगे बताया, ‘बीपीओ में मेरी नौकरी का तीसरा दिन था और तभी रहमान के ऑफिस से फोन आया. उन्होंने मुझे उसी रात गाने के लिए बुलाया था. रहमान के लिए पहला गाना जो मैंने रिकॉर्ड किया वे वरा लारू और सक्करा कट्टी थे.’

2008 में गाया था पहला हिंदी गाना

बेनी दयाल ने हिंदी गानों में अपने करियर की शुरुआत 2008 में आई फिल्म ‘जाने तू या जाने ना’ से की थी. उनका इस फिल्म में गाया गाना ‘पप्पू कांट डांस साला’ बहुत हिट हुआ. ए आर रहमान के संगीत में उन्होंने इस फिल्म में ‘नजरें मिलाना नजरें चुराना’ भी गाया. इन दोनों ही गानों ने बेनी को हिंदी संगीत की दुनिया में एक नई पहचान दिला दी. इसके लिए बेनी को ‘न्यू म्यूजिकल सेंसेशन के स्टारडस्ट अवॉर्ड’ से नवाजा गया.

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