बलगम के साथ ख़ून आने पर हो सकते हैं इन 5 बीमारियों के संकेत..

Smina Sumra
7 Min Read
Coughing with blood is a serious problem

जब कभी आपको बलगम के साथ खून नज़र आए तो तुरंत किसी डॉक्टर से मिलें। डॉक्टर द्वारा इसके कारण को जानकर इसका इलाज़ करवाएं।

Coughing with blood: बलगम के साथ ख़ून आने पर कभी भी हल्के में नहीं ले। यह एक बहुत गंभीर समस्या है। इसके कई कारण होते हैं। बलगम के साथ ख़ून आने का मतलब आपको कहीं ना कहीं पेट या फेफड़े से जुड़ी कोई बीमारी भी हो सकती है। दरअसल जब लगातार खांसी होती है तो इससे सांस की नली के ऊपरी भाग पर दबाव पड़ता है। इससे ब्लड वैसल्स फट जाता है और ख़ून आने लगता है।

वैसे ख़ून अगर कुछ ज़्यादा मात्रा में निकले तो आपको तुरंत किसी डॉक्टर से दिखाना चाहिए। सही समय पर इसका इलाज़ बहुत ज़रूरी है। वर्ना यह एक गंभीर बीमारी का रूप ले सकता है। आपको डॉक्टर ही इसका सही कारण और इलाज़ बता सकते हैं। लेकिन आज हम आपको डॉक्टर के बताए अनुसार इस समस्या के कारण और इलाज़ के बारे में बताएंगे।

मेडिकल टर्म में बलगम (Coughing with blood is a serious problem) के साथ ख़ून आने की समस्या को हैमोप्टिसिस कहा जाता है। इस समस्या में लाल ख़ून की थोड़ी बहुत मात्रा झागदार कफ, जिसमें लार और बलगम होता है, के द्वारा खांसी आने पर मुंह से बाहर निकलने लगती है। निकलने वाले ख़ून का रंग अगर काला हो या ख़ून के साथ भोजन के टुकड़े भी आ रहे हों तो यह समस्या पाचन तंत्र से संबंधित हो सकती है। वैसे तो इस समस्या के कई कारण है। लेकिन इनमें से तीन मुख्य है, जैसे-

1. फेफड़े में कैंसर होने के कारण बलगम के साथ खून आ सकता है (Lung cancer can cause blood to ooze with mucus)

तंबाकू का अधिक सेवन करने वाले व्यक्ति को फेफड़े का कैंसर हो सकता है। यदि आपको फेफड़े का कैंसर है तो बलगम के साथ ख़ून निकलने की समस्या हो सकती है। बलगम के साथ ख़ून आना कैंसर का भी कारण हो सकता है। अगर किसी को फेफड़े में कैंसर है तो इसमें सांस लेने में तकलीफ़, सीने में दर्द, सिर में दर्द इत्यादि की समस्या होती है। वहीं अगर बलगम के साथ खांसी की भी समस्या हो तो यह गर्दन में कैंसर का लक्षण हो सकता है। गर्दन में कैंसर होने पर गले में सूजन, खराश इत्यादि की समस्या हो जाती है।

2. नशीली दवाइयों का सेवन (Due to drug use) 

जो लोग नशीली दवाइयों का सेवन करते हैं उन्हें भी बलगम के साथ ख़ून आने की समस्या हो सकती है। क्योंकि दवाइयों और ड्रग्स का विंड पाइप बहुत बुरा असर पर होता है। जिसके दुष्प्रभाव से खांसी के साथ-साथ ख़ून आने की समस्या होती है। इससे कभी कभी ख़ून का थक्का बनने की भी समस्या हो जाती है।

3. ब्रोंकाइटिस की समस्या में भी बलगम के साथ ख़ून आता है (Blood comes with mucus even in the problem of Bronchitis)

ब्रोंकाइटिस के कारण भी कभी-कभी बलगम के साथ ख़ून आने की समस्या होती है। अगर किसी को खांसते वक़्त कफ और ख़ून आ रहा हो तो यह ब्रोंकाइटिस की समस्या हो सकती है।

कभी-कभी क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पलमोनरी डिज़ीज़ के कारण फेफड़ों तक आने जाने वाली हवा में समस्या हो जाती है। जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। और बलगम के साथ ख़ून आने की समस्या होती है।

4. निमोनिया के कारण भी बलगम के साथ ख़ून निकल सकता है (Pneumonia can also cause blood to ooze with mucus)

बलगम के साथ ख़ून आना कभी-कभी निमोनिया का भी संकेत होता है। अगर किसी को निमोनिया हो जाए तो उसे सांस लेने में परेशानी, खांसी, थकान, बुखार और सीने में दर्द जैसे लक्षण नज़र आ सकते हैं। कभी-कभी छाती में संक्रमण होने के कारण भी बलगम के साथ साथ ख़ून आने की समस्या होती है।

 5. टीवी के कारण भी आता है बलगम के साथ ख़ून (Blood with mucus also comes due to Tuberculosis)

बलगम के साथ ख़ून आने की वजह टीवी भी हो सकती है। क्योंकि बैक्टीरिया होने कारण फेफड़े में बहुत ज्यादा इंफेक्शन हो जाता है। टीवी होने पर व्यक्ति को बुखार, सीने में दर्द, सांस लेते समय खांसी की समस्या और बलगम के साथ ख़ून आ सकता है।

बलगम के साथ ख़ून आए तो क्या करें? (What to do if blood comes with mucus)

चुंकी बलगम के साथ ख़ून आना एक बहुत गंभीर समस्या है। इसलिए यह समस्या होने पर डॉक्टर से तुरंत चेकअप कराएं। ताकि समय रहते बीमारी का पता चल जाए और उसका इलाज किया जा सके। डॉक्टर से दिखाने पर डॉक्टर आपको थूक का सैंपल देने के लिए कह सकते हैं। इसके अलावा डॉक्टर आपका सीटी स्कैन, एक्सरे इत्यादि भी करवा सकते हैं।

कभी-कभी किसी-किसी मामले में तो डॉक्टर ब्रोंकोस्कॉपी करवाने को भी कहते हैं। इसलिए अगर आप को इनमें से कोई भी लक्षण नज़र आए तो बिना देर किए हुए तुरंत अस्पताल जाए और डॉक्टर से चेकअप करवाएं।

और याद रखें डॉक्टर दवाइयों का जितना डोज़ कहे उतना ज़रूर लें। क्योंकि बीच में दवाई छोड़ने पर आपकी समस्या बढ़ सकती है। इन गंभीर समस्याओं के होने पर आप कोई घरेलू नुस्खा पर ध्यान ना दें। क्योंकि इस समय डॉक्टर से दिखाना ज़्यादा ज़रूरी होता है ना कि घरेलू नुस्खा आजमाना।

 

 

 

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