अतरंगी, शानदार और फ़नी घटनाएं हमेशा नहीं घटती, इसलिए इन्हें रेयर यानी दुर्लभ कहा जाता है। अपनी खट्टी-मीठी यादों के लिए ऐसे पल कैमरे में क़ैद करना हर कोई चाहता है लेकिन ये इतना आसानी भी नहीं… क्योंकि ऐसी घटनाएं अचानक और कुछ सेकंड के लिए ही घटती हैं। लेकिन कई बार संयोग ये कैमरे में क़ैद हो ही जाती हैं। आइये, इसी क्रम में हम आपको दिखाते हैं कुछ फ़नी, तो कुछ शानदार तस्वीरें, जो सही टाइमिंग और फ़ोटोग्राफ़र की स्किल की बदौलत क्लिक हो पाई हैं।
आइये, अब सीधा तस्वीरों पर डालते हैं नज़र….
- अरे वाह! इन जनाब के तो मज़े आ गए।

लो खा लो।

सही में कमाल की टाइमिंग है।

फ़ोटोग्राफ़र ने तो कमाल ही कर दिया।

अरे दीदी ने ये क्या कर दिया?

बस टाइमिंग का खेल है।

भई वाह, स्वाद आ गया….

ये है असल दोस्ती।

लगता है उंगली को खाना समझ लिया है इस पक्षी ने…

कुछ ज़्यादा ही जल्दी थी।

अरे बेटा जी को चोट लग गई।

ये आराम का मामला है.

- ये भाई साहब पेड़ पर भी साइकिल चढ़ा देते हैं क्या!

लो जी केक खा लो।

फ़ोटोग्राफ़र चाहे, तो क्या नहीं कर सकता।


