पुरुषों में थायराइड के लक्षण तथा कारण, जानें कितना होना चाहिए थायराइड का लेवल

Smina Sumra
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Thyroid symptoms in men

Thyroid symptoms in men: महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों को भी थायराइड की समस्याओं का सामना करना पर सकता हैं। असंतुलित लाइफ़स्टाइल के वजह से पुरुषों में भी यह बीमारी बढ़ने लगी हैं। आइए जानते हैं इस बीमारी के बारे में।

Thyroid symptoms in men: थायराइड में पुरुषों और महिलाओं की लक्षण लगभग एक समान होते है। लेकिन कुछ लक्षण जो पुरुषों में दिखते हैं। जैसे ख़राब एकाग्रता, मांसपेशियों में दर्द। पुरुषों में हाइपोथायरायडिज्म के सामान्य लक्षण पाए जाते हैं। इन लक्षणों को नज़रंदाज़ करने से स्थिति ख़राब होने की संभावना रहती हैं। थायराइड के पहचान जितनी जल्दी पता चल सके निदान उतनी जल्दी मिल सकती हैं।
आइए जाने पुरुषों के थायराइड के बारे में

पुरुषों में थायराइड को कैसे नियंत्रित करें? (How to control thyroid in men)

थायराइड तितली के आकार की एक ग्रंथि हैं। जो गर्दन के अंदर और कॉलर बोन के ऊपर होती हैं। यह ग्रंथि थायराइड हार्मोन का निर्माण करती हैं। जब थायराइड हार्मोन कंट्रोल नहीं होता है तो इससे तरह तरह की समस्याएं आने लगती हैं। असंतुलित हार्मोन, वजन बढ़ना हाइपरथाइरॉयडिज़्म और हाइपोथायरायडिज्म की वजह बन सकता है। हाइपोथायरायडिज्म में मेटाबॉलिज्म बढ़ता हैं। जिससे वज़न तेज़ी से कम होने लगता हैं। जबकि हाइपोथाइरॉएडिज्म में मेटाबॉलिज्म काम नहीं करता तो वज़न अधिक होने लगता हैं। कुछ तरीकों मदद की से इन समस्याओं का समाधान किया जा सकता हैं।

1. थायराइड (Thyroid symptoms in men) की बीमारी को ठीक करने के लिए लाइफ़स्टाइल में बदलाव करना ज़रूरी हैं। थायराइड के दौरान संतुलित भोजन लेना चाहिए।

2. डाइट में प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिंस, मैग्नीशियम, और आयोडीन युक्त भोजन का सेवन करना चाहिए।

3. अगर आप स्मोकिंग करतें हैं या ड्रिंक करतें हैं तो तुरंत इन सभी आदतों को छोड़ देना चाहिए।

4. रोज़ाना सुबह उठकर एक घंटे व्यायाम या योगा करके भी इस बीमारी से निजात पाया जा सकता हैं।

सही डाइट है ज़रूरी (Right diet is the key)

:- अनाज का सेवन करें (Eat cereals)

थायराइड से बचने के लिए आपको फाइबर आहार का सेवन करना चाहिएं। इसके तहत आप तरह-तरह के अनाज का सेवन करें।

:- ओमेगा 3 युक्त चीज़ें खाएं (Eat Omega 3 rich foods)

थायराइड के कारण बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल को कम करने के लिए ओमेगा 3 युक्त चीज़ों का सेवन करें।

:- न्यूट्रिएंट्स को अनदेखा ना करें। (Don’t Ignore Nutrients)

थायराइड में शरीर को सिलेनियम नामक न्यूट्रिएंट्स की ज़रूरत होती हैं। यह ग्रंथि को ख़राब होने से बचाता हैं। इसके लिए आपको खाने में अंडे , राजमा और बिंस का सेवन करना चाहिएं।

:- जिंक भी है ज़रूरी (Zinc is also important)

थायराइड की बीमारी में चिकेन और सेल मछली भी कारगर होता हैं।

:- योग और मेडिटेशन है फायदेमंद
(Yoga and meditation are beneficial)

योग में सारी बीमारियों का निदान छुपा हुआ हैं। थायराइड में कुछ योगासन भी फायदेमंद है जैसे वज्रासन , मंजीरा सन , उष्ट्रासन , धनुषा सन और मत्स्यासन।

इसके अलावा रोज सुबह 10 से 15 मिनट का मेडिटेशन करने से आत्म शक्ति बढ़ेगी। जिससे तनाव से मुक्ति पा सकते हैं।

पुरुषों में थायराइड के लक्षण (Thyroid symptoms in men)

देखा जाए तो सभी पुरुष और महिलाओं में एक जैसे पहचान होते हैं। लेकिन कुछ पहचान ऐसे होते हैं जो सिर्फ पुरुषों में देखने मिलते हैं आइए जाने पुरुषों में पाए जाने वाले पहचान:-

1. मांसपेशियों में दर्द
2. थकान और कमज़ोरी
3. लगातार वज़न बढ़ना
4. लगातार वज़न घटना
5. पुरुष हार्मोन टेस्टोस्टेरोन लेवल कम होना
6. एंजायटी और डिप्रेशन
7. बालों का झड़ना
8. हाई कोलेस्ट्रॉल
9. ब्रेन फॉग
10. यौन रोग

पुरुषों में हाइपोथाइरॉएडिज्म कितना सामान्य है? (How common is Hypothyroidism in men)

हाइपोथायरायडिज्म 5% पुरुषों को प्रभावित करता है हालांकि कई लोगों को यह महसूस नहीं होता हैं। एक शोध में पता चला कि 3% से 16% पुरुषों को हाइपोथायरायडिज्म हो सकता हैं। बढ़ती उम्र में थायराइड का डर ज्यादा होता हैं। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में हाइपोथायरायडिज्म होने की संभावना 5 से 10 गुना अधिक होती हैं।

पुरुषों में सामान्य थायराइड लेवल कितना होना चाहिए? (What should be the normal thyroid level in men)

पुरुषों में टीएसएच लेवल ज़्यादा हो या कम हो तो इससे उनकी फर्टिलिटी पर प्रभाव पड़ती हैं। हाइपोथायराइड या हायपरथायराइड वाले स्पर्म होते हैं। महिलाओं की अपेक्षा यदि पुरुषों का टीएसएच लेवल ज्यादा हो तो उनके जेनाइटल की असामान्य रूप की विकसित होने की अनुमान रहता हैं।

सामान्य पीएच लेवल 0.45 और 4.5mU/L के बीच रहता हैं सामान्य रेंज 0.45 से 4.12 के बीच रहना चाहिए। टीएसएच आपकी उम्र और जीवन के स्टेज पर निर्भर करती हैं। पुरुषों में स्ट्रेस, डाइट और दवाइयों के कारण टीएसएच का स्तर ऊपर नीचे हो सकता हैं। इस टेस्ट से पता चलता है कि गले के सामने की तरफ स्थित ग्रंथि अच्छे से काम कर रही है या नहीं।

अगर आपके ख़ून में टीएसएच का स्तर 2.0 से ज़्यादा हैं तो इसे अंडरएक्टिव थायराइड कहते हैं। अगर टीएसएस का स्तर कम हो तो इसे ओवर एक्टिव थायराइड कहते हैं। इस स्थिति में बॉडी में आयोडीन का स्तर काफी बढ़ जाता हैं। और पुरुषों में थायराइड के लक्षण समझ आने लगते हैं।

थायराइड के लक्षण नज़र आते ही आपको तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिएं। इसे बिल्कुल नज़रअंदाज़ नहीं करना चाहिए वर्ना समस्या आपके लिए बढ़ सकती हैं।

 

 

 

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