ज़ुबिन गर्ग के हत्यारे कौन हैं? सिंगापुर से असम तक की जाँच में क्या मिला?

Smina Sumra
8 Min Read
Zubeen Garg

Zubeen Garg Case latest update:  मशहूर असमिया गायक जुबीन गर्ग की मौत शुरू से ही बेहद रहस्यमयी रही है। शुरुआत से ही यह दावा किया जा रहा था कि उनकी मौत स्विमिंग करते समय डूबकर हुई थी। लेकिन, परिवार और समर्थकों ने इस दावे को मानने से इनकार कर दिया। बढ़ते सवालों और विरोध के बाद, असम सरकार ने एक एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया। अब एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में माना है कि जुबीन की मौत एक दुर्घटना नहीं, बल्कि एक हत्या थी, जिसने देश भर के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। 

हिमंत सरमा का बयान

असम विधानसभा में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने खुलासा किया कि, “एसआईटी की अंतरिम रिपोर्ट में हत्या के स्पष्ट संकेत मिले हैं। गिरफ्तार किए गए सभी पाँच लोगों पर हत्या का आरोप लगाया गया है। इस मामले में 8 दिसंबर तक चार्जशीट दाखिल कर दी जाएगी।” हालाँकि, रिपोर्ट अभी सार्वजनिक नहीं की जाएगी, ताकि कोई गलतफहमी न फैले। 

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और नए सवाल

ज़ुबिन का पोस्टमॉर्टम सिंगापुर और बाद में गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज में हुआ। फ़िलहाल, दोनों रिपोर्ट सीआईबी और ज़ुबिन की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग के पास हैं। सीआईडी की एएसपी मोरमी दास खुद रिपोर्ट लेकर उनके घर पहुँचीं। हालाँकि, गरिमा ने अब रिपोर्ट पुलिस को वापस कर दी है। लेकिन, रिपोर्ट को सार्वजनिक करने का फ़ैसला सीआईडी ही करेगी। सवाल उठ रहा है कि रिपोर्ट में क्या छिपाया जा रहा है? 

फिर क्या हुआ? 

19 सितंबर, 2025 को ज़ुबिन अपने मैनेजर और कुछ अंदरूनी लोगों के साथ सिंगापुर में थे। ज़ुबिन के वकील शेखर ज्योति गोस्वामी (Zubeen Garg Case latest update) ने दावा किया कि ज़ुबिन की मौत डूबने से नहीं, बल्कि ज़हर के कारण हुई थी। जैसे ही नौका समुद्र में पहुँची, मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा ने पूरी कमान अपने हाथों में ले ली। उन्होंने ड्रिंक तो सर्वे कर रहे तन्मय फुकन को भी रोक दिया। हालाँकि, उन्होंने बाकियों को ड्रिंक सर्व किया। 

‘जब्बो दे, जाबो दे’ का क्या अर्थ है? 

शेखर ने दावा किया, “पानी में उतरते ही Zubeen Garg की तबीयत बिगड़ने लगी। वह ट्यूब पकड़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन हाथ नहीं लगा पा रहा थे। जब लोग उसे बचाने दौड़े, तो मैनेजर सिद्धार्थ चिल्लाया, ‘जबो दे, जबो दे’, यानी उसे जाने दो।”

शेखर ने इसे हत्या के संदेह से जोड़ा। लेकिन, यहाँ एक विरोधाभास है। क्योंकि शेखर खुद इस मामले में एक आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया है।

शेखर के बारे में सवाल क्यों पूछे गए? 

Zubeen Garg की पत्नी गरिमा गर्ग ने शेखर के बयान पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा, “अगर शेखर को ज़हर दिए जाने की बात पता थी, तो वह 15 दिन तक चुप क्यों रहा? उसने पोस्टमॉर्टम से पहले या घटना के तुरंत बाद यह बात क्यों नहीं बताई?” सीआईडी को शेखर की चुप्पी संदिग्ध लगी और इसी वजह से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। 

बैंडमेट के बयान से कहानी बदल गई

शेखर के बयान के बाद, ज़ुबिन के दूसरे बैंडमेट पार्थो प्रतिम ने भी बयान दिया, जिससे जाँच में एक नया मोड़ आ गया। पार्थो ने शेखर और मैनेजर सिद्धार्थ, दोनों को इस घटना के लिए ज़िम्मेदार ठहराया। 18 सितंबर की रात, दोनों ने देर रात तक ज़ुबिन के साथ पार्टी की, जबकि उन्हें पता था कि ज़ुबिन को ऐंठन हो रही है। हालाँकि, अगले दिन उसे समुद्र में फेंक दिया गया, जो गंभीर लापरवाही दर्शाता है।

विवाद और आयोजक की गिरफ्तारी

महोत्सव के आयोजक श्याम कानू महंत पर भी सिंगापुर में इस मामले में आरोप लगाए गए हैं। ज़ुबिन पर आरोप है कि उन्हें वित्तीय विवाद के चलते सिंगापुर बुलाया गया था। महंत को बाद में हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। प्रबंधक, बैंड के सदस्यों और सुरक्षाकर्मियों समेत सात अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है। कुछ सुरक्षाकर्मियों के बैंक खातों में कुल 1.1 करोड़ रुपये (करीब 1 करोड़ डॉलर) के संदिग्ध लेनदेन पाए गए हैं, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है।

आखिरी वीडियो और फोरेंसिक जांच:  सीआईडी ने सभी आरोपियों के मोबाइल फोन जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। इसमें वह मोबाइल फोन भी शामिल है जिसमें जुबिन के तैरने का आखिरी वीडियो रिकॉर्ड किया गया था। सीआईडी यह भी जांच कर रही है कि क्या घटना के दौरान कोई और वीडियो था जिसे जानबूझकर डिलीट या छिपाया गया था।

सिंगापुर पुलिस का रवैया

सिंगापुर पुलिस अभी भी इसे एक दुर्घटना मान रही है। हालाँकि, असम सरकार और भारत सरकार ने अपनी जाँच शुरू कर दी है और एमएलएटी के तहत जानकारी माँगी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि चूँकि भारत में हत्या के पर्याप्त सबूत मिल गए हैं, इसलिए सीआईडी अब सिंगापुर में जाँच नहीं करेगी।

वायरल वीडियो और नई चर्चा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में, ज़ुबिन पानी में उतरने से हिचकिचाते हुए दिखाई दे रहे हैं। शेखर बार-बार उनसे तैरने का आग्रह करते नज़र आ रहे हैं। वीडियो में, ज़ुबिन बार-बार पूछ रहे हैं, “क्या तुम भी आओगे?” वीडियो कई तरह की अटकलों को जन्म देता है और कुछ हद तक मानसिक तनाव का भी संकेत देता है।

Zubeen Garg दूसरी बार पानी में क्यों उतरे?

खबरों के मुताबिक, Zubeen Garg पहली बार लाइफ जैकेट पहनकर पानी में उतरे थे। लेकिन दूसरी बार उन्होंने लाइफ जैकेट नहीं पहनी और यह जानलेवा साबित हुआ। हैरानी की बात यह है कि दूसरी बार तैरने का कोई वीडियो सामने नहीं आया है। क्या उन्हें जानबूझकर गोली नहीं मारी गई? या फुटेज छिपाई गई थी? यही इस मामले का सबसे गहरा पहलू है।

जुबिन की मौत के बाद 54 एफआईआर

ज़ुबिन गर्ग सिर्फ़ एक गायक ही नहीं, बल्कि असम में एक भावनात्मक प्रतीक भी थे। Zubeen Garg की मौत से पूरे राज्य में आक्रोश फैल गया। असम सरकार ने अब तक विभिन्न शिकायतकर्ताओं द्वारा दर्ज कराए गए इस मामले में 54 प्राथमिकी दर्ज की हैं। सभी एक ही मांग कर रहे हैं: पारदर्शी जाँच और दोषियों को कड़ी सज़ा।

जहां आरोपी पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं Zubeen Garg की पत्नी गरिमा ने मैनेजर सिद्धार्थ का बचाव किया है। उन्होंने कहा कि सिद्धार्थ हमेशा से जुबिन के भाई जैसे रहे हैं।

अंतिम संस्कार जुलूस में एकत्रित लोग

जब ज़ुबिन गर्ग का पार्थिव शरीर भारत पहुँचा, तो गुवाहाटी से लेकर कमरखुखी तक लाखों लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए सड़कों पर उमड़ पड़े। सड़कों पर उमड़ी भीड़ इस बात का प्रमाण थी कि वह सिर्फ़ एक कलाकार नहीं, बल्कि असम की आवाज़ थे। उनके निधन ने लोगों के दिलों में एक ऐसा शून्य छोड़ दिया है जो कभी नहीं भरेगा।

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